Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

कंप्यूटर का परिचय (Introdction of Computer) | कंप्यूटर क्या है (What is computer)

कंप्यूटर का परिचय हैं (Introdction of Computer in hindi) | कंप्यूटर क्या है (What is computer in hindi)


कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर एक स्वचालित तथा निर्देशों के अनुसार कार्य करने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो deta ग्रहण करता है तथा सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम के अनुसार किसी परिणाम के लिए डाटा को प्रोसेस संग्रहित तथा प्रदर्शित करता है कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा के कंप्यूटर शब्द से होता है जिसका अर्थ है गणना करना Computer शब्द अंग्रेजी के 8 अक्षरों से मिलकर बना है जो इसके अर्थ को और भी अधिक व्यापक बना देता है

Computer का फुल फॉर्म


C   =.  Commonly

O    = Operator

M.  =  Machine

P    = Particularly

U    = Use for

T.  =  Technology

E. =. Education and

R. = Research

अतः कंप्यूटर का तात्पर्य एक ऐसे यंत्र से है जिसका उपयोग गणना प्रक्रिया यांत्रिक अनुसंधान शोध आरडी कार्यों में किया जाता है कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संयोजन है जो डाटा को सूचना में बदलता है


कंप्यूटर प्रणाली के कार्यपद्धती

कंप्यूटर के द्वारा निम्न चार कार्य किए जा सकते हैं

(1) इनपुट कंप्यूटर में डाटा या सूचना को भेजना इनपुट कहलाता है यह सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के लिए डाटा और निर्देश भेजता है

(2) प्रोसेसिंग सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कंप्यूटर के निर्देशों को एक्टिव करता है

(3) आउटपुट उपयोगकर्ता को संसाधित डाटा उपलब्ध कराता है

(4) स्टोरेज यह डाटा और प्रोग्राम को अस्थाई रूप से स्टोर करता है


कंप्यूटर की विशेषताएं

(1). गति-  कंप्यूटर एक सेकंड में लाखों गणना करता है वर्तमान में कंप्यूटर नैनो सेकंड में भी गणनाए कर सकता है


(2). त्रुटि रहित कार्य- कंप्यूटर कठिन से कठिन प्रश्न का बिना किसी त्रुटि के परिणाम निकाल देता है गणना के दौरान अगर कोई त्रुटि पाई भी जाती है तो वह प्रोग्राम या डेटा में मानवीय गलतियों के कारण होती है


(3). भंडार व छमता-  कंप्यूटर अपनी मेमोरी में सूचनाओं का विशाल भंडार संचित कर सकता है इसमें अर्थात आंकड़ों एवं प्रोग्रामों के भंडार की क्षमता होती है


(4) बहुउद्देशीय-  कंप्यूटर की सहायता से विभिन्न प्रकार के कार्य संपन्न किए जा सकते हैं आधुनिक कंप्यूटरों में अलग-अलग प्रकार के कार्य एक साथ करने की क्षमता है


(5) गोपनीयता- पासवर्ड के प्रयोग द्वारा कंप्यूटर के कार्य को गोपनीय बनाया जा सकता है


(6) स्वचालित- कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन है इसमें गणना के दौरान मानवीय हस्तक्षेप की संभावना नगण्य रहती है हालांकि कंप्यूटर को कार्य करने के लिए निर्देश मनुष्य द्वारा ही दिए जाते हैं


कंप्यूटर का विकास इतिहास

आधुनिक कंप्यूटरों को अस्तित्व में आए हुए लगभग 50 वर्ष हुए हैं लेकिन उनके विकास का इतिहास बहुत पुराना है कंप्यूटर हमारे जीवन के हर पहलू में किसी न किसी तरह से सम्मिलित है पिछले लगभग 4 दशक में कंप्यूटर ने हमारे समाज के रहन-सहन व कार्य करने के तरीके को बदल दिया है कंप्यूटर के विकास का इतिहास निम्नलिखित है

अबेकस की खोज 16 वीं शताब्दी में ली काई चेन ( चीन) ने किया था यह सबसे पहला एवं सरल कंप्यूटर था अबेकस लकड़ी का एक आयताकार ढांचा होता था जिसके अंदर तारों का एक प्रेम लगा होता था तारों के अंदर खेती गोलाकार मोतियों के द्वारा गणना किया जाता था इस कंप्यूटर का प्रयोग जोड़ने तथा घटाने वह वर्गमूल निकालने के लिए के लिए किया जाता था


पास्कलाइन की खोज 1962 में फ्रांस के वैज्ञानिक ब्लेज पास्कल ने किया यह कंप्यूटर प्रथम मैकेनिकल एंडिंग मशीन था यह मशीन ऑडोमीटर एवं घड़ी के सिद्धांत सरकारी करता था इस मशीन में कई नातेदार चक्र और पुराने टेलीफोन की तरह घुमाने वाले डायल होते थे जिन पर 0 से 9 तक संख्याएं अंकित होती थी इसका उपयोग संख्याओं को जोड़ने और घटाने के लिए प्रयोग किया जाता था


डिफरेंस इंजन इसकी खोज 1822 ईस्वी में चार्ल्स बैबेज के द्वारा किया गया इस मशीन में साफ्ट तथा गियर लगे होते थे तथा यह मशीन भाग से चलती थी इस मशीन की सहायता से विभिन्न बीजगणितीय फलनो का मन का दशमलव मान के 20 स्थानों तक शुद्धता पूर्वक ज्ञात किया जा सकता था इसका प्रयोग बीमा, डाक, रेल उत्पादन में किया जाता था


मार्क-1 की खोज सन 1930 में हावर्ड आइकन ने किया था यह कंप्यूटर विश्व का प्रथम पूर्ण स्वचालित विद्युत यांत्रिक गणना यंत्र था इसमें इंटरलॉकिंग पैनल के छोटे ग्लास काउंटर स्विच और नियंत्रण सर्किट होते थे डाटा मैनुअल रूप में इंटर किया जाता था तथा संचयन के लिए मैग्नेटिक ड्रम का प्रयोग किया जाता था इसका गणना करने में किया जाता था


एनीएक खोज सन 1946 ईस्वी में जे पी एकर्ट और जान मोचौली ने किया यह 20 Accumulators का एक संयोजन है इसमें 18000 वेक्यूम ट्यूब लगी थी यह पहला डिजिटल कंप्यूटर था इसका प्रयोग प्राइवेट फॉर्म इंजीनियर रिसर्च एसोसिएशन तथा आईबीएम में किया गया था


एडसेक की खोज सन 1949 ईस्वी में मैरिज विल्क्स ने किया था इसका पहला प्रोग्राम संग्रहित डिजिटल कंप्यूटर था यह वर्गों के पहाड़ों (Table) की भी गणना कर सकता था इसमें मरकरी diley लाइनस का प्रयोग मेमोरी और वेक्यूम ट्यूब का प्रयोग लॉजिक के लिए किया जाता था


यूनीवैक की खोज सन 1951 ईस्वी में जे प्रेस्पर एर्कट और जान मोचौली ने की यह इनपुट व आउटपुट के समस्याओं को अति शीघ्र हल करता था समान उद्देश्य के लिए प्रयोग किए जाने वाला प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था या संखाय्की और शाब्दिक दोनों प्रकार के डाटा को संसाधित करता था इसमें मैग्नेटिक टेप का प्रयोग और इनपुट और आउटपुट के लिए किया जाता था


कंप्यूटर की पीढ़ियां 

दूसरे विश्व युद्ध के बाद कंप्यूटरों का विकास बहुत तेजी से हुआ और उनके आकार प्रकार मैं बहुत परिवर्तन हुए आधुनिक कंप्यूटरों के विकास के इतिहास को तकनीक विकास के अनुसार कई भागों में बांटा जाता है जिन्हें कंप्यूटर की पुलिया कहा जाता है जो निम्नलिखित है

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – 1940-1956 “Vacuum Tubes”

सबसे पहले generation के कंप्यूटर Vaccum tubes को circuitry और Magnetic Drum को memory के लिए इस्तमाल करते थे.इसकी गति 333 माइक्रो सेकंड थी ये size में काफी बड़े बड़े हुआ करते थे. इनको चलाने में काफी शक्ति का इस्तमाल होता था.

ज्यादा बड़ा होने के कारण इसमें heat की भी बहुत समस्या थी जिससे ये कई बार malfunction भी होता था. इनमे Machine Language का इस्तमाल होता था. उदहारण के तोर पे UNIVAC , MARK-1 and ENIAC computers.


2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – 1956-1963 “Transistors”

Second generation के computers में transistors ने vaccum tubes की जगह ले ली. Transistor बहुत ही कम जगह लेते थे, छोटे थे, faster थे, सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे. ये पहले generation के कंप्यूटर की तुलना में कम heat generate करते थे लेकिन फिर भी इसमें heat की समस्या अभी भी थी.

इनमे High Level programming Language जैसे COBOL और FORTRAN को इस्तमाल में लाया गया था.

3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – 1964-1971 “Integrated Circuits”

Third generation के कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था. जिसमे Transistors को छोटे छोटे कर silicon chip के अन्दर डाला जाता था जिसे Semi Conductor कहा जाता है. इससे ये फ़ायदा हुआ की कंप्यूटर की processing करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गयी.

पहली बार इस generation के computers को ज्यादा user friendly बनाने के लिए Monitors, keyboards और Operating System का इस्तमाल किया गया. इसे पहली बार Market में launch किया गया.

4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – 1971-1985 “Microprocessors”

Forth generation की ये खासियत है की इसमें Microprocessor का इस्तमाल किया गया. जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन chip में embedded किया गया. इससे मशीन के आकार को कम करने में बहुत आसानी हुई.

Microprocessor के  इस्तमाल से कंप्यूटर की efficiency और भी बढ़ गयी. ये बहुत ही काम समाया में बड़े बड़े कैलकुलेशन कर पा रहा था.

5. कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी – 1985-present “Artificial Intelligence”

Fifth generation आज के दोर का है जहाँ की Artificial Intelligence ने अपना दबदबा कायम कर लिया है. अब नयी नयी Technology जैसे Speech recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation जैसे कई advanced तकनीक इस्तमाल में आने लगे हैं.

ये एक ऐसा generation हैं जहाँ की कंप्यूटर की Artificial Intelligence होने के कारण स्वयं decision लेने की क्ष्य्मता आ चुकी है. धीरे धीरे इसके सारे काम Automated हो जायेंगे.



इन्हें भी जाने

(A) चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है

(B) 2 दिसंबर को प्रतिवर्ष विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है

(C) आधुनिक कंप्यूटर का जनक एनल टयूरिंग को कहा जाता है

(D) पहला कंप्यूटर आर्किटेक्चर जान वान न्यूमैन द्वारा 1948 में प्रस्तुत किया गया था

(E) सिद्धार्थ भारत में निर्मित पहला पर्सनल कंप्यूटर है

(F) एडसैक वह प्रारंभिक ब्रिटिश कंप्यूटर था, जो डिजिटल संग्रहित प्रोग्राम पर आधारित था

(G) पेक मेन नामक प्रसिद्ध कंप्यूटर खेल के लिए निर्मित हुआ था


आज आपने क्या सिखा?

अब तक आपको कंप्यूटर का introduction हिंदी में मिल चूका होगा. मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को कंप्यूटर क्या है (What is Computer in Hindi) और कंप्यूटर की पीढ़ियां के बारे में पूरी जानकारी दी और आशा करता हूँ आप लोगों को इस कंप्यूटर का परिचय तथा उससे जुडी जानकारी आप को समझ आ गया होगा मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. 


Post a Comment

0 Comments